Friday, September 30, 2011

आये हैं समझाने लोग

आये हैं समझाने लोग
हैं कितने दीवाने लोग

दैर-ओ-हरम में चैन जो मिलता
क्यों जाते मैख़ाने लोग

जान के सब कुछ, कुछ भी न जाने
हैं कितने अनजाने लोग

वक़्त पे काम नहीं आते
हैं ये जाने पहचाने लोग

अब जब मुझ को होश नहीं
है आये हैं समझाने लोग

Monday, September 12, 2011

आज फिर दिल ने एक तमन्ना की ....
आज फिर दिल को हमने समझाया

from the ghazal तुमको देखा तो ये ख्याल आया by Jagjit Singh